Home / Uncategorized / प्रतिबंध के बावजूद हसदेव बांगो बांध में धड़ल्ले से हो रहा मत्स्य आखेंट, बिचौलियो की सक्रियता से उठे सवाल

प्रतिबंध के बावजूद हसदेव बांगो बांध में धड़ल्ले से हो रहा मत्स्य आखेंट, बिचौलियो की सक्रियता से उठे सवाल

प्रतिबंध के बावजूद हसदेव बांगो बांध में धड़ल्ले से हो रहा मत्स्य आखेट, बिचौलियों की सक्रियता से उठे सवाल

कोरबा। जिले के हसदेव बांगो बांध के ऐतमा नगर, सरभोका और बुका क्षेत्र में मत्स्याखेट पर लगे प्रतिबंध के बावजूद खुलेआम मछली पकड़ने का खेल जारी होने का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई मछुआरे बांध में जाल और गरी (मछली पकड़ने के पारंपरिक उपकरण) का उपयोग कर मछलियों का शिकार कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ बिचौलिये स्वयं को डेम के ठेकेदार का आदमी बताकर मौके पर पहुंचते हैं और मछुआरों से मछलियां खरीदने का काम कर रहे हैं। इससे प्रतिबंधित अवधि में भी अवैध रूप से मछली का कारोबार जारी रहने की बात सामने आ रही है।

गौरतलब है कि 15 जून से 15 अगस्त तक मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए मत्स्याखेट पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इस दौरान मछली पकड़ना और उसका क्रय-विक्रय नियमों के विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद यदि बांध क्षेत्र में अवैध मत्स्याखेट हो रहा है, तो यह संबंधित विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करता है।

स्थानीय लोगों ने मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर प्रतिबंध अवधि में अवैध मत्स्याखेट एवं खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। को देखते हुए मत्स्याखेट पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। इस दौरान मछली पकड़ना और उसका क्रय-विक्रय नियमों के विरुद्ध माना जाता है। इसके बावजूद यदि बांध क्षेत्र में अवैध मत्स्याखेट हो रहा है, तो यह संबंधित विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करता है।स्थानीय लोगों ने मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर प्रतिबंध अवधि में अवैध मत्स्याखेट एवं खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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