
कोरबा। बेशकीमती इमारती लकड़ी के अमानत में खयानत, अवैध परिवहन और चोरी के मामले में कोरबा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग ₹9 लाख मूल्य की 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी और परिवहन में प्रयुक्त एक क्रेन बरामद की है। मामले में सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है

पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी की शिकायत पर थाना सिविल लाइन रामपुर में मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि सीएसईबी रामपुर स्थित जूनियर क्लब के पास राजस्व क्षेत्र में सक्षम अनुमति से वृक्षों की कटाई का कार्य चल रहा था। निरीक्षण के दौरान सात वृक्षों से प्राप्त इमारती लकड़ी के अनधिकृत परिवहन की जानकारी सामने आई, जिस पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विशेष टीम ने खोली परतें
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में थाना सिविल लाइन प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी आस्था शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और लगातार की गई पतासाजी से जांच का दायरा बढ़ा और लकड़ी को कोरबा से रायपुर-अभनपुर क्षेत्र तक ले जाने के महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
संयुक्त कार्रवाई में बड़ी बरामदगी
प्रदेश स्तरीय संयुक्त जांच दल की कार्रवाई में लगभग 20.169 घन मीटर इमारती लकड़ी बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹9 लाख बताई गई है। साथ ही लकड़ी की लोडिंग और परिवहन में इस्तेमाल की गई क्रेन भी जब्त कर ली गई।
पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर थाना सिविल लाइन के अपराध क्रमांक 673/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 316(5) और 317(2) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
अन्य आरोपियों और नेटवर्क की तलाश
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। बरामद लकड़ी का वास्तविक स्रोत, अवैध परिवहन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं शासकीय या वन संपदा की अवैध कटाई, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या निकटतम थाने को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

